आज रेडियो मयूर को सबके दिलों पर राज करते हुए एक साल से भी ज्यादा हो गया है . इसमें एक अहम् योगदान इसके जिंगल का भी है . आज बच्चे बच्चे के जुबां पर रेडियो मयूर का जिंगल छाया हुआ है . दिन की शुरुआत इससे होती है , रात भी इसी धुन के साथ होती है . आप भी सुनें पसंद आये तो सबको सुनाएँ .

हुई सुबह है उम्मीदों की बदली ज़िन्दगी

फूल खिले हैं आशाओं के अब मिली हर ख़ुशी

सब मिलके गायेंगे खुशियाँ मनाएंगे

ग़म को करेंगे दूर

रेडियो , रेडियो मयूर .

 

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